23 December 2009

रुई के फोए पर खेलता तन-मन


आसमान से नर्म बर्फ रूई के फोए की मानिदं गिरी... किसी ने उनके गोले बनकर अपने दोस्तों पर फेंके, तो कुछ उन पर अठखेलियां करने लगे। यहीं से जन्म हुआ स्नो गेम्स का। खेलने वालों के साथ-साथ अगर देखने वालों को भी ठंड में तपिश का सा एहसास होने लगे, तो इसे कहिए बर्फीली खेलों का जादू।

सर्दी का मस्ताना मौसम अपने पूरे शबाब पर है। ठंडी-ठंडी हवा बह रही है। ऐसे में क्यों न कहीं सैर पर निकल चलें। अब कोई बहाना नहीं चलेगा, न सर्दी का और न जुकाम का। भई सर्द माहौल में मौसम का लुत्फ उठाने के साथ-साथ अब स्नो गेम्स की आपका इंतजार कर रहे हैं। कभी सफेद चादर सी जमी बर्फ, तो कभी रुई के गोले की तरफ फुसफुसी बर्फ... इस बर्फ पर आज तरह-तरह के गेम्स खेले जाते हैं। आइस स्केटिंग, स्कीइंग, स्लेडिंग और स्नोमोबाइल तो बानगीभर है। एक बार बर्फीली वादियों में घूमने निकल पडि़ए और बर्फ के हर टुकड़े के साथ स्नो गेम्स में शिरकत लीजिए, आपको लगेगा कि हरे मैदानों की बजाय ठंडे माहौल में खेल की ऊर्जा को महसूस करना वाकई एक नया रोमांचक अनुभव है।
लुत्फ आइस स्केटिंग का
आइस स्केटिंग का सीधा सा मतलब है- आइस स्केट्स की मदद से बर्फ पर चहलकदमी करना। ये आइस स्केट्स एक खास तरह के जूते होते हैं, जिनसे जुड़ी ब्लेड्स आपको बर्फ पर दौडऩे में मदद करती है। कुछ लोगों के लिए आइस स्केटिंग तफरीह का साधन है, तो कुछ के लिए पर्यटन तो कुछ इसकी मदद से तरह-तरह के खेल खेलते हैं। जमी हुई झील या नदी पर स्केटिंग करना का जो मजा है, वह शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल है, दोस्तो।
ऊर्जा से भरे ठंडे खेल
स्केटिंग का सबसे ज्यादा मजा बंडे, आइस हॉकी, रिंगगेट्टे जैसे खेलों में आता है। बर्फ पर खेले जाने वाले इन बेहद रोमांचक खेलों में स्टिक्स की मदद से विपक्षी टीम के खिलाफ गोल दागने होते हैं। बंडे खेल फुटबॉल जैसा ही होता है। हर टीम के पास ग्यारह खिलाड़ी होते हैं, जिनमें से एक खिलाड़ी गोलकीपर होता है। इस खेल में गेंद को विपक्षी टीम के गोलपोस्ट में डालना होता है। 45-45 मिनट के दो हॉफ में चलने वाले इस खेल का रोमांच देखते ही बनता है। आइस हॉकी की बात करें, तो इसमें गेंद की बजाय पुक (डिस्क) होती है। दोनों टीमें इस पुक को विपक्षी टीम के गोलपोस्ट में पहुंचाने की कोशिश करती हैं। इसमें हर टीम में पांच स्केटर्स और एक गोलकीपर होता है। आइस हॉकी का खुमार यूं तो पूरी दुनिया पर चढ़ा हुआ है, पर खासतौर पर यह कनाडा और रूस जैसे देशों में बेहद मशहूर है। वहीं रिंगगेट्टे ज्यादातर महिलाएं खेलती हैं, इसमें एक रबड़ की गेंद को स्टिक की मदद से गोलपोस्ट में पहुंचाया जाता है। इसमें भी हर टीम के पास छह खिलाड़ी होते हैं।
डांस का चांस
स्केटिंग के माहिर लोग झुंड बनाकर प्राकृतिक बर्फ पर लंबी सैर के लिए निकल जाते हैं और इसे जुबान देते हैं, ट्यूर स्केटिंग की। यह चलन स्वीडन, फिनलैंड और नार्वे में बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। स्केटिंग की सबसे मशहूर विधा है फिगर या आर्टिस्टिक स्केटिंग। बर्फ के कोर्ट पर जब युगल हाथों में हाथ लेकर चारों ओर घूमते हैं, तो वाकई अद्भुत नजारा होता है। उनका फुटवर्क देखकर उंगलियां दांतो तले पहुंचने लगती हैं। युगल मस्ती में सराबोर होकर बर्फ पर झूमते जाते हैं और दर्शकों की तालियां हॉल में गूंजने लगती हैं। संगीत की लय पर शरीर के लोच के साथ महीनों की प्रेक्टिस इस खेल में खुद-ब-खुद नजर आती है। यह ओलंपिक खेल है, जिसे अकेले, युगल या समूह के साथ प्रदर्शित किया जाता है। इसी के मिलती-जुलती स्केटिंग है, सिंक्रेनाइज्ड स्केटिंग। इसमें 8 से लेकर 20 युवक या युवतियां अनुशासन और लयबद्ध तरीके तेज गति से बर्फ पर अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। बर्फ पर खुद को साधकर लोगों का मनोरंजन करना वाकई श्रमसाध्य काम है।
बर्फ पर तैरता शरीर
बर्फ पर सैर करने का मन कर रहा है, तो स्कीस की मदद से बढ़ जाइए अपने सफर पर और इसे नाम दीजिए स्कीइंग का। आज स्कीइंग बर्फ के खेलों की एक मशहूर विधा बन चुकी है। स्कीस में बूट्स के साथ जुड़े हुए स्की होते है, जिनकी मदद से बर्फ पर कदम रखते ही लगता है, मानो आसमान में तैर रहे हों। स्कीइंग कई तरह की हो सकती है, जैसे- डाउनहिल स्कीइंग, फ्री स्टाइल स्कीइंग, स्की जंपिंग। डाउनहिल स्कीइंग में बर्फ से ढकी चोटी पर पहुंचकर उन्मुक्त भाव से चोटी की हर ऊंचाई से गहराई तक को नापा जा सकता है। इसके लिए खास हैलमेट और पोल्स की भी जरूरत होती है। पोल्स की मदद से स्कीयर को जमीन की सतह पर सहारा मिल जाता है। सबसे खास होती है फ्री स्टाइल स्कीइंग। इसके लिए आपको खास अभ्यास की दरकार होती है। चोटी पर जाकर स्कीज की मदद से शरीर को बैलेंस करते हुए तरह-तरह की आर्ट पेश की जाती है। हवा में लहरते हुए बदन को सर्किल बनाना, पैरों और हाथों को कलात्मक अंदाज में पेश करना ठंडे माहौल में गर्माहट पैदा कर देता है। स्की जंपिंग में उड़ान भरने के करतबों को अंजाम दिया जाता है और हवा में ऊंचे से ऊंचा पहुंचाता है। यह विंटर ओलंपिक खेलों का हिस्सा भी है।
एहसास भुलाए ना भूले
स्लेड राइडिंग में एक वाहन या ऐसा यंत्र होता है, जिसकी मदद से आप आइस ट्रेक पर आप सैर करते हैं। अपने साथी के साथ इस पर बैठकर बर्फीली एहसास का मजा आपने अगर एक बार ले लिया, तो ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। स्कीबोबिंग में स्की के पहियों की बजाय एक साइकिलनुमा फ्रेम होता है, जिसकी मदद से बर्फीली रास्ते तय करने का मजा लिया जाता है। इसी तरह स्नोमोबाइल में बर्फीले रास्तों की लंबी दूरी तय करने के लिए यह व्हीकल होता है, इसमें बैठने के लिए कुर्सी की तरह जगह होती है।
गेम्स ऑन, विंटर गोन
देश के हिल स्टेशनों पर सर्दी के महीनों में बर्फ पडऩे लगती है और समां बड़ा सुहाना हो जाता है। देश में स्नो गेम्स के लिए दीवानगी तो है, पर इसके लिए उन महीनों का इंतजार करना पड़ता है, जब माहौल पूरा बर्फ से ढका रहता हो। गुलाबी ठंड के बीच कश्मीर, श्रीनगर, गुलमर्ग, औली जैसी जगहें स्नो गेम्स के लिए सबसे अच्छी हैं। हिमालय की वादियों में बर्फ से लदी ऊंची-ऊंची चोटियों पर पेशवर खिलाडिय़ों के हैरतंगेज खेलों को देखने के लिए पूरे देश से पर्यटक पहुंचते हैं। बादल, झरने और हरियाली के बीच अगर स्नो गेम्स का मजा नहीं लिया जाए, तो लगता है कि यात्रा अधूरी रह गई है। बर्फ के पहाड़ों को रूई का ढेर मानकर उसमें मस्ती करने का मौका भला कौन छोडऩा चाहेगा, तो हो जाइए तैयार ऊर्जा से लबरेज ठंडे सफर के लिए। हमारे देश में हिमालय की गोद में बसी एक जगह है औली। यहां मशहूर स्कीइंग प्रशिक्षण संस्थान हैं। यहां से सीखे हुए लोग विश्व स्कीइंग प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई करते हैं।यहां की परिस्थितियां और ढलान स्नो स्कीइंग के लिए आदर्श हैं। गौरतलब है कि औली में स्कीइंग के लिए मुफीद एशिया की सबसे बड़ी ढलान है। गुलमर्ग, रोहतांग पास, मनाली और कुल्लू की ढलानें भी स्कीइंग के शौकीनों के लिए सबसे उपयुक्त हैं।
-आशीष जैन

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1 comment:

  1. बढ़िया पोस्ट लिखी है।आभार।

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