29 April 2009

लहरें ललकारती हैं


गंगा की लहरों पर सवार होकर निकल पड़िए पनीले सफर पर और लुत्फ लीजिए राफ्टिंग का।
लहरों की अठखेलियों के बीच खुद को मुक्त छोड़ दीजिए... कुछ देर आराम से पानी पर सरपट आगे बढ़ते जाइए... अरे ये क्या पानी की लहरें ऊंची हो गई... तो घबराना कैसा। पैडलर का सहारा और खुद की हिम्मत.. लो हो गए पार। यही है रिवर रॉफ्टिंग का असल रोमांच। पहाड़ों से निकलते पानी की तेज धार में रफ्टिंग करने पर ही आपकी दिलेरी साबित होती है। राफ्टिंग करते वक्त रास्ते में उबड़-खाबड़ चट्टानों से थोड़ा बचकर रहिएगा। कभी सीधा, तो कभी टेड़ा हर रास्ते पर डटा रहना है। जरूरी नहीं कि आप रॉफ्टिंग के मास्टर ही हों, गाइड आपकी मदद करने को तैयार हैं। रिवर रॉफ्टिंग करने वाले के लिए ऋषिकेश से लेकर श्रीनगर तक का पनीला रास्ता स्वर्ग के समान है। इस रास्ते पर पड़ती है एक जगह शिवपुरी। वहां गंगा के किनारे आपको राफ्टिंग करवाने वाले कैंप बरबस ही नजर आने लगेंगे। यहां राफ्टिंग करने में दो से तीन घंटे तक लगते हैं। शुरुआत में 15 से 18 किलोमीटर की राफ्टिंग आप आराम से कर सकते हैं। राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश जाइए, वहीं हैं बुकिंग ऑफिस। रॉफ्टिंग करने के साथ-साथ कैंप में रुकने का खर्चा अधिकतम 5000 रुपए है। दिलचस्प बात बताते चलें कि इसके लिए तैराकी आना जरूरी नहीं है। उम्र की भी कोई पाबंदी नहीं है, बस आपकी फिटनेस लाजबाव होनी चाहिए। हां, तीन दिन की राफ्टिंग करना चाहते हैं, तो तैराकी सीखने में ही भला है। भई, आपको पैडलिंग जो लगातार करनी पड़ेगी। तीन दिन में आप 135 किलोमीटर का राफ्टिंग ट्रिप आराम से पूरा कर लेंगे। राफ्टिंग करते वक्त सुरक्षा के लिहाज से नदी में कम से कम दो राफ्ट होनी चाहिए। इस दौरान आपका लाइफ जैकेट और एक हैलमेट पहनना निहायती जरूरी है। राफ्ट पर अगर एक-दो वाटरप्रूफ बैग होंगे, तो अच्छा रहेगा, ताकि उसमें प्राथमिक उपचार का सामान रखा जा सके। राफ्टिंग करते-करते थक जाएं, तो नदी किनारे बने कैंपों में आराम फरमाइए। मौसम के लिहाज से देखें, तो गर्म मौसम में जाना सही रहेगा क्योंकि गर्मियों में पहाड़ों के बीच कल-कल बहते गंगा नदी के जल की शीतलता के सामने सूर्यदेव भी एक बारगी नतमस्तक हुए जाते हैं। देश में ऋषिकेश की गंगा नदी, जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में सिंध नदी, लद्दाख की जांसकर वैली, उत्तरप्रदेश में अलकनंदा नदी रिवर राफ्टिंग के लिए काफी मशहूर हैं। राफ्टिंग के लिए अपने पांच-छह दोस्तों का गु्प बनाइए, जिसमें एक रिवर गाइड भी मौजूद हो। और चप्पू खेते हुए दीजिए लहरों को चुनौती। कैसे पहुंचें- निकटतम एयरपोर्ट देहरादून (50 किमी.), निकटतम रेलमार्ग वाया हरिद्वार
-आशीष जैन

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